Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशॠकी रात की नींद बार-बार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ टूटती है?
शिशॠके रात में जागने के बहà¥à¤¤ से कारण होते हैं, उदाहरण के तौर पर:
हो सकता है वह à¤à¥‚खा हो। नवजात और छोटे शिशà¥à¤“ं का पेट बहà¥à¤¤ छोटा होता है, जिसमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूूध इकटà¥à¤ ा नहीं हो सकता। नवजात शिशॠका दूध पीकर सोने के बाद दो या तीन घंटे में फिर से à¤à¥‚ख लगने पर उठना सामानà¥à¤¯ है। कà¥à¤› शिशॠछह महीने का होने पर रातà¤à¤° बिना दूध पीठसोना शà¥à¤°à¥ कर सकते हैं। वहीं कà¥à¤› अनà¥à¤¯ कई महीनों तक रात में दूध पीने के लिठउठते हैं।
हो सकता है उसकी नैपी या लंगोट बदलने की जरà¥à¤°à¤¤ है।
उसे सोने के लिठकà¥à¤› मदद की जरà¥à¤°à¤¤ है। हर रात सोने की à¤à¤• समान दिनचरà¥à¤¯à¤¾ होना अचà¥à¤›à¤¾ रहता है।
हो सकता है वह बीमार हो, उसके दांत आ रहे हों, वह विकास का नया कौशल सीख रहा हो या विकास में तेजी (गà¥à¤°à¥‹à¤¥ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ) पकड़ रहा हो।
मौसम में बदलाव की वजह से शिशॠके कमरे का तापमान पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है, जिससे शिशॠको रात में असहजता महसूस हो सकती है।
और वयसà¥à¤•ों की ही तरह बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ रात को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग या गहरी सांस लेने के लिठकई बार थोड़ी देर के लिठउठना सामानà¥à¤¯ है।
कौन से उपाय शिशॠको रात à¤à¤° पूरी नींद लेने में मदद कर सकते हैं?
यहां दिठगठउपाय शिशॠको आराम से सोने और आंख खà¥à¤²à¤¨à¥‡ पर खà¥à¤¦ दोबारा सोने में मदद करेंगे। शिशॠको अकेले रोकर सोने देने से लेकर उसके साथ सोने तक बहà¥à¤¤ अलग-अलग तरह की रणनीतियां हैं। यह आपको देखना है कि कौन सी रणनीति आपके और आपके परिवार के हिसाब से सही है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही शिशॠकी नींद का à¤à¤• नियमित पैटरà¥à¤¨ बनाना और उसे शà¥à¤°à¥ से ही सोने की अचà¥à¤›à¥€ आदतें सिखाना फायदेमंद है। निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित उपाय शिशॠको छह हफà¥à¤¤à¥‡ से ही आरामदायक नींद पाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप कोई à¤à¥€ तरीका अपनाà¤à¤‚, यह सफल तà¤à¥€ होगा जब आप लगातार इसका पालन करें:
दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ बनाà¤à¤‚: अगर आप सारे दिन शिशॠकी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• समान रखें तो रात को शिशॠके सोने का समय तय करने और उसे सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल नहीं होगी। वह आराम से सो जाà¤à¤—ा। अगर शिशॠहर दिन समान समय पर सोà¤, खाà¤-पीà¤, खेले और रात में à¤à¥€ उसे समान समय पर सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाà¤, तो पूरी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है कि शिशॠबिना किसी परेशानी के आसानी से सो जाà¤à¤—ा।
शिशॠके बेडटाइम का सही समय चà¥à¤¨à¥‡à¤‚। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ का सही समय रात को 7.30 बजे से 9 बजे के बीच होता है, इसलिठकोशिश करें कि आप शिशॠकी नींद की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ इसी हिसाब से बनाà¤à¤‚। अकà¥à¤¸à¤° कामकाजी माता-पिता दफà¥à¤¤à¤° से आने के बाद अपने शिशॠके साथ समय बिताने के लिठउसके सोने के समय में देरी कर देते हैं। कà¥à¤› परिवारों में तो शिशॠको रात 11 बजे तक सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है। हो सकता है कि आपको शिशॠचà¥à¤¸à¥à¤¤ और खेलने के लिठतैयार लगे मगर यह संकेत है कि उसका सोने का समय निकल गया है। इसके बाद जब आप उसे सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहें, तो शायद वह उस समय सोना न चाहे और आपको परेशानी हो।
आराम देने वाला बेडटाइम रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ बनाà¤à¤‚। जब शिशॠकरीब तीन महीने का हो, तो आप उसके लिठआराम देने वाला बेडटाइम रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं। जिस समय आप शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहे, उससे à¤à¤• घंटा पहले से उसका बेडटाइम रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ शà¥à¤°à¥ कर दें। टीवी या कोई अनà¥à¤¯ उपकरण बंद कर दें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे शिशॠकी सोने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है। कमरे में रोशनी कम कर दें और शिशॠको आरामदायक सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚ या उसकी मालिश करें। उसे लोरी सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚, कहानी पढ़कर सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚ और खूब पà¥à¤¯à¤¾à¤°-दà¥à¤²à¤¾à¤° करें। इन सà¤à¥€ से शिशॠको आराम पाने और नींद आने में मदद मिल सकती है।
शिशॠको नींद में ही दूध पिलाà¤à¤‚। यदि आपके शिशॠबहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल से सोता है, तो उसे देर रात जगाकर दूध पिलाने से वह और लंबे समय तक सोता रहेगा। कमरे की रोशनी को कम ही रखें और अपने सोते हà¥à¤ शिशॠको गोद में उठाà¤à¤‚। उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚ या बोतल से दूध पिलाà¤à¤‚। शिशॠनींद से हलà¥à¤•ा सा जागकर दूध पीना शà¥à¤°à¥ कर सकता है, मगर यदि à¤à¤¸à¤¾ न हो तो निपà¥à¤ªà¤² को हलà¥à¤•े से उसके होंठो पर तब तक फिराà¤à¤‚ जब तक वह इसे मà¥à¤‚ह में न ले ले। जब शिशॠदूध पी ले, तो उसे फिर से बिसà¥à¤¤à¤° पर लिटा दें।
शिशॠको अपने आप सोने दें। जब शिशॠ​तीन महीने का हो जाà¤, तो आप उसे खà¥à¤¦ से सोने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं, हालांकि सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ खà¥à¤¦ से नहीं सोते है। शिशॠको दूध पिलाने के बाद जब वह उनींदा सा हो मगर सोया न हो, तब आप उसे पीठके बल बिसà¥à¤¤à¤° पर लेटा दें और देखें कि आपके पास होने से अपने आप सोता है या नहीं। उसे सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप कोई आवाज या शबà¥à¤¦ à¤à¥€ बोल सकती हैं। जब शिशॠको नींद आठतो यही दोहराà¤à¤‚, ताकि शिशॠइसे सोने के समय और उनींदा होने से जोड़ सके। नींद के कà¥à¤› विशेषजà¥à¤ž शिशॠको गोद में हिलोरे देते हà¥à¤ या फिर दूध पिलाते हà¥à¤ सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ सही नहीं समà¤à¤¤à¥‡à¥¤ बहरहाल, बहà¥à¤¤ से लोग इस बात को नहीं मानते, इसलिठआपके परिवार के लिठजो सही हो आप वह करें।
नींद का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ दें। बहà¥à¤¤ से शिशà¥à¤“ं को रात में जागने के बाद फिर से सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ छह महीने का है तो आप उसे अपने आप फिर से सोना सिखा सकती हैं। इसे नींद का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ (सà¥à¤²à¥€à¤ª टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग) कहा जाता है। इसके बहà¥à¤¤ से तरीके हैं, और कई तरीकों में शिशॠको अपने आप रोते हà¥à¤ सोने नहीं दिया जाता।
याद रखें कि शिशॠकितनी जलà¥à¤¦à¥€ सोता है यह काफी हद तक उसकी उमà¥à¤° पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। आपको à¤à¥€ उसके विकास के चरण के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° चलना होगा।
मेरा शिशॠरात को जागता है और दिन में सोता है। उसकी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बदलाव कैसे करूं?
बहà¥à¤¤ सारे शिशà¥à¤“ं को रात में खेलना और​ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² रहना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है, और दिन मे वे सोते हैं। अगर आपका शिशॠअनà¥à¤¯ परिवारजनों की तरह रात में सोता और दिन मे जागता नहीं है तो काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है, मगर आप धैरà¥à¤¯ रखें।
अधिकांश शिशॠकरीब à¤à¤• महीने में परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की तरह ही सोना व जागना शà¥à¤°à¥ कर देते हैं। बहरहाल, जब आपका शिशॠकà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ का ही हो, तो आप उसका नींद की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं।
दिन के समय
जब शिशॠकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² हो तो आप उसके साथ खेलें और बातचीत करें। दिन के समय दूध पिलाते समय शिशॠसे बातें करें और माहौल को उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤ªà¥‚रà¥à¤£ बनाठरखें।
परà¥à¤¦à¥‡ खोल दें और घर और शिशॠके कमरे में रोशनी आने दें।
दिन में घर और बाहर से आने वाले शोर को दबाठन। संगीत बजाà¤à¤‚, फोन को बजने दें और घर में होने वाले आम शोर व आवाजों को बंद न करेंं।
शिशॠको रोशनी में बाहर ले जाà¤à¤‚, खासकर सà¥à¤¬à¤¹ के समय। इससे नवजात शिशॠको पूरà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ दिनचरà¥à¤¯à¤¾ को समà¤à¤¨à¥‡ में मदद मिलेगी।
रात के समय
शिशॠसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बात न करें और धीमे बोलें।
रोशनी और शोर का सà¥à¤¤à¤° कम रखें।
दूध पिलाने या डायपर या लंगोट बदलने के लिठनाइटबलà¥à¤¬ या कम रोशनी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करेंं।
शिशॠका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न बांटें और उसे सोने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें।
धीरे-धीरे आपका शिशॠसमà¤à¤¨à¥‡ लगेगा कि दिन का समय मसà¥à¤¤à¥€ के लिठऔर रात का समय सोने के लिठहोता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि हो सकता है आपका शिशॠ​à¤à¤• रात बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ से सोठऔर अगली रात नींद से जागे। कà¥à¤› समय तक à¤à¤¸à¤¾ ही रहेगा। मगर जब आपके शिशॠका मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और केंदà¥à¤°à¤¿à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° और विकसित होगा, तो उसके सोने का चकà¥à¤° à¤à¥€ लंबा होगा और वह रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक सोà¤à¤—ा।
यदि आप संयà¥à¤•à¥à¤¤ परिवार में रहती हैं और परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² में मदद करते हैं, तो उनसे à¤à¥€ आप शिशॠकी नींद की रणनीतियों पर चरà¥à¤šà¤¾ करें। यदि परिवार के सà¤à¥€ लोग शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ का à¤à¤• ही तरीका अपनाà¤à¤‚गे तो शिशॠऔर आपके लिठयह आसान रहेगा।
मेरा शिशॠअचà¥à¤›à¥€ तरह सोने लगा था लेकिन अब फिर से उसकी नींद टूट रही है। इसका कà¥à¤¯à¤¾ कारण है?
कई बार आपके शिशॠकी नींद का पैटरà¥à¤¨ बदल सकता है। हो सकता है वह अचà¥à¤›à¥€ तरह सोने लगा हो मगर अब फिर से उसकी नींद कम हो सकती है, वह नींद से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार जागने लगा हो या रात मे उठने के बाद फिर से सोने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही हो। इसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में 'सà¥à¤²à¥€à¤ª रिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨' कहा जाता है। हालांकि, शिशॠकी नींद में बदलाव उसके सामानà¥à¤¯ विकास का हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
बदलाव के ये चरण असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ होते हैं और कà¥à¤› दिनों से लेकर कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक चल सकते हैं। हालांकि, यदि आप पहली बार माता​-पिता बने हैं और बहà¥à¤¤ थकान हो रही हो तो आपको यह चरण काफी लंबा लग सकता है।
बहà¥à¤¤ से माता-पिता का मानना है कि पहले साल में शिशॠकी नींद में बदलाव आम चरणों पर आते हैं। इस तरह का पहला बदलाव करीब चार महीने की उमà¥à¤° में देखा जाता है। à¤à¤¸à¤¾ शायद इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अब आपके शिशॠकी नींद का पैटरà¥à¤¨ आपकी तरह होना शà¥à¤°à¥ हो रहा होता है। जब आपका शिशॠबहà¥à¤¤ छोटा होता है और उसे नींद आती है तो वह सीधा सपनों वाली नींद में जाता है, जिसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤²à¥€à¤ª या रैपिड आई मूवमेंट सà¥à¤²à¥€à¤ª (आरईà¤à¤®) कहा जाता है। जब वह थोड़ा बड़ा होता है आरईà¤à¤® सà¥à¤²à¥€à¤ª अब रात में होने लगती है। अगर आपके शिशॠने अà¤à¥€ तक रात में जागने के बाद खà¥à¤¦ से दोबारा सोना नहीं सीखा है तो वह नींद के à¤à¤• चरण से दूसरे चरण में जाते हà¥à¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार उठसकता है।
नौ महीने की उमà¥à¤° के आसपास शिशà¥à¤“ं का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार उठना à¤à¥€ आम है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय तक बचà¥à¤šà¥‡ पहली बार जà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ की चिंता (सैपरेशन à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€) महसूस करने लगते हैं, जिससे उनकी नींद में खलल पड़ सकता है। नठकौशल जैसे कि घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलना, सोने से पहले खेलना और दोपहर बाद à¤à¤ªà¤•ी लेना à¤à¥€ शिशॠके नींद के पैटरà¥à¤¨ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
यदि आपका शिशॠपहले अचà¥à¤›à¥‡ से सोता था, मगर अब अचानक से रात में जागने लगा है, तो आपको चिंता हो सकती है कि कहीं कà¥à¤› गड़बड़ तो नहीं है। इसलिठयह पता होना अचà¥à¤›à¤¾ है कि अचà¥à¤›à¥€ तरह सोना शà¥à¤°à¥ करने के बाद à¤à¥€ अचानक से शिशॠका नींद से जागने लगना सामानà¥à¤¯ है।
इस समय पर आपको फिर से वही दिनचरà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥ करनी होगी: दिन में पूरà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤, à¤à¤• समान दिनचरà¥à¤¯à¤¾ रखें और शाम को आरामदायक बेडटाइम रूटीन का पालन करें। यदि आपका शिशॠथोड़ा बड़ा हो तो आप नींद के पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ की कोई रणनीति à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ तक आजमा सकती हैं। यदि आपको कोई फायदा न दिखे तो दोबारा विचार करें और नया तरीका अपनाà¤à¤‚।
अगर मेरा शिशॠपूरी नींद नहीं ले पाता तो कà¥à¤¯à¤¾ यह चिंता की बात है?
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के कà¥à¤› सालों में शिशॠके नींद के पैटरà¥à¤¨ में बदलाव आना पूरी तरह सामानà¥à¤¯ है। साथ ही, यदि किसी और का बचà¥à¤šà¤¾ जलà¥à¤¦à¥€ रात à¤à¤° सोना शà¥à¤°à¥ कर देता है तो जरà¥à¤°à¥€ नहीं है कि आपका शिशॠà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ करेगा। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ दूसरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में आसानी से जाग जाते हैं या सोने व जागने का नियमित चकà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है।
हालांकि, कई बार नींद से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियां किसी अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से हो सकती हैं। यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ नियमित तौर पर रात में कई बार जाग रहा है, तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर सकेंगे कि कोई चिंता की बात नहीं है और जरà¥à¤°à¥€ हà¥à¤† तो वे शिशॠकी नींद के बारे में आपको सलाह à¤à¥€ दे सकेंगे।
शिशॠकी नींद को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाली सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं मे शामिल हैं:
बीमारी। यदि शिशॠको कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£, पेट में गड़बड़ हो या किसी और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण बà¥à¤–ार या दरà¥à¤¦ हो तो संà¤à¤µ है रात à¤à¤° उसे नींद न आà¤à¥¤
निदà¥à¤°à¤¾ अशà¥à¤µà¤¸à¤¨ (सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾)। यदि शिशॠको सोते हà¥à¤ सांस लेने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही हो, तो यह निदà¥à¤°à¤¾ अशà¥à¤µà¤¸à¤¨ (सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾) का संकेत हो सकता है। छह महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं मे अनियमित शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होना सामानय है और कई बार उनकी सांसों में कà¥à¤› सैकंड का ठहराव à¤à¥€ आ सकता है। मगर यदि शिशॠबहà¥à¤¤ तेज आवाज में सांस ले रहा है या खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ à¤à¤° रहा है, 20 सैकंड या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ के लिठसांस लेना बंद कर देता है या फिर गला घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ जैसे अहसास के साथ जागता है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤ˆà¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸à¥¤ अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ बार-बार उलà¥à¤Ÿà¥€ करता है या बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दूध निकालता है या फिर दरà¥à¤¦ में रोता हà¥à¤† उठता है तो हो सकता है उसको गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤ˆà¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो। à¤à¤¸à¤¾ तब होता है जब à¤à¥‹à¤œà¤¨ नलिका (ईसोफेगस) को पेट से जोड़ने वाला वैलà¥à¤µ सही से काम न करे और शिशॠके पेट के अमà¥à¤²à¥€à¤¯ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को उसके मà¥à¤‚ह में वापिस à¤à¥‡à¤œà¥‡à¥¤ इसके लिठउसे चिकितà¥à¤¸à¤•ीय उपचार की जरà¥à¤°à¤¤ पड़ सकती है।
नींद पूरी न होने से मेरी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो रही हो, तो कà¥à¤¯à¤¾ करà¥à¤‚?
अगर, आपका शिशॠलगातार रात में उठरहा है, तो इससे आपकी नींद à¤à¥€ बाधि​त होगी। लगातार थकान की वजह से आप à¤à¥€ चिड़चिड़ी हो सकती हैं और काम करने में à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है। साथ ही नींद पूरी न होने और पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° अवसाद (पोसà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡à¤Ÿà¤² डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) के बीच में संबंध à¤à¥€ पाया गया है, इसलिठआपकी और शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद मिलना à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है।
यदि रात में नींद में हो रहे खलल को आप सहन कर पा रही हैं तो आप शिशॠका रात à¤à¤° सोना शà¥à¤°à¥ करने का इंतजार कर सकती हैं। मगर यदि आपको नींद पूरी न हो पाने की वजह से परेशानी हो रही हो और इससे आपको शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त आ रही हो तो आपको कोई उपाय निकालना होगा।
नींद पूरी न होने का असर आपके रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ पड़ सकता है। आपको लगता है कि इससे निपटना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रहा है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
| --------------------------- | --------------------------- |